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अमेरिका-ईरान संबंध
Washington/Tehran वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों में नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुई पहली दौर की वार्ता के बाद अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात पर अस्थायी राहत देने का फैसला किया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 60 दिनों का जनरल लाइसेंस जारी करते हुए 21 अगस्त 2026 तक ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पेट्रोलियम डेरिवेटिव्स के उत्पादन, बिक्री और डिलीवरी की अनुमति दी है।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब दोनों देश स्थायी शांति समझौते की दिशा में बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की मुक्त और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने तथा अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों तक पहुंच देने पर सहमति जताई है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने कहा कि सकारात्मक वार्ता के परिणामस्वरूप यह अस्थायी छूट दी गई है। इस लाइसेंस के तहत ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात के साथ-साथ बैंकिंग, बीमा और परिवहन जैसी संबंधित सेवाओं को भी अनुमति दी गई है। हालांकि, ट्रेजरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राहत उत्तर कोरिया और क्यूबा से जुड़े किसी भी लेनदेन पर लागू नहीं होगी। दोनों देश अभी भी अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में बने हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) में 14 प्रमुख मुद्दे शामिल हैं। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध समुद्री यातायात और ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में राहत दो महत्वपूर्ण शर्तें थीं, जिन पर फिलहाल सहमति बन चुकी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पश्चिम एशिया में स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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